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राजस्थान में कांग्रेस की हार का पंजाब में दिखेगा असर, पढ़े पूरी ख़बर

सुखजिंदर रंधावा पंजाब के कद्दावर नेता हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह को जब कुर्सी से उतारा गया तो रंधावा सीएम की रेस में अव्वल नंबर पर थे लेकिन ऐन मौके पर चरणजीत सिंह चन्नी बाजी मार ले गए। बाद में कांग्रेस हाईकमान ने रंधावा पर विश्वास जताया और रंधावा को न केवल डिप्टी सीएम नियुक्त किया बल्कि उनको गृह विभाग भी दिया।

राजस्थान में कांग्रेस की हार का पंजाब की सियासत पर असर होना तय है। डेरा बाबा नानक से कांग्रेस विधायक और पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा राजस्थान में कांग्रेस के प्रभारी थे और हाईकमान ने उन पर काफी भरोसा जताकर यह जिम्मेदारी सौंपी थी लेकिन वह राजस्थान में सत्ता विरोधी लहर को नहीं रोक सके। लिहाजा, उनके विरोधी गुट को हाईकमान के समक्ष बोलने का मौका मिल गया है।

राजस्थान में कांग्रेस की करारी हार के बाद रंधावा की पंजाब कांग्रेस प्रधान पद की दावेदारी भी कमजोर हुई है। वह अभी इस पद के प्रबल दावेदार हैं। नतीजों के बाद रंधावा ने कहा, जनता ने जो जनादेश दिया है, हम उसे स्वीकार करते हैं। मैं आशा करता हूं कि हमने जो काम किए हैं, भाजपा उन कामों को जारी रखेगी… हम उनको (भाजपा) मुबारकबाद देते हैं…।

रंधावा को राजस्थान में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी। कांग्रेस ने छह बार 6 सर्वे करवाया। 60 से 70 नेताओं की रिपोर्ट निगेटिव आई लेकिन पार्टी की तरफ से रंधावा पर विश्वास बनाकर रखा गया। टिकट आवंटन में उनकी पूरी सुनवाई की गई। पर पार्टी में वह गुटबाजी व सत्ता विरोधी लहर को रोकने के लिए कामयाब नीति नहीं बना पाए।

सुखजिंदर रंधावा पंजाब के कद्दावर नेता हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह को जब कुर्सी से उतारा गया तो रंधावा सीएम की रेस में अव्वल नंबर पर थे लेकिन ऐन मौके पर चरणजीत सिंह चन्नी बाजी मार ले गए। बाद में कांग्रेस हाईकमान ने रंधावा पर विश्वास जताया और रंधावा को न केवल डिप्टी सीएम नियुक्त किया बल्कि उनको गृह विभाग भी दिया। इसके बाद उनको राजस्थान कांग्रेस का प्रभारी भी बनाया गया।
कांग्रेसी नेताओं का मनोबल गिरा
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस हाईकमान राजस्थान में कांग्रेस की निराशाजनक हार से काफी बैकफुट पर है। तीन प्रदेशों में करारी हार के बाद प्रदेश में कांग्रेसी नेताओं का मनोबल गिरा है। पंजाब में लोकसभा की 13 सीटे हैं। कांग्रेस व आप के वरिष्ठ नेताओं में सीटों को लेकर काफी चर्चा चल रही है। हालांकि, प्रदेश कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा व अमरिंदर राजा वड़िंग अकेले चुनाव लड़ने पर अडिग हैं लेकिन तीन प्रदेशों में हार से कांग्रेसी नेता पंजाब को लेकर मंथन पर लग गए हैं।