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194 देशों के सामने आयुष्मान भारत और डिजिटल सार्वजनिक स्वास्थ्य का प्रदर्शन

डब्ल्यूएचए का 77वां सत्र 27 मई से 1 जून तक जिनेवा में आयोजित किया जाएगा। भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रकीय स्वास्थ्य सचिव अपूर्व चंद्र करेंगे। वैश्विक स्वास्थ्य पारिस्थितिक तंत्र के ढांचे लिए आयोजित कार्यक्रम में 194 देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।

भारत 27 मई जिनेवा में आयोजित होने वाली विश्व स्वास्थ्य सभा (डब्ल्यूएचए) में आयुष्मान भारत, आपातकालीन तैयारियों पर सार्वजनिक स्वास्थ्य और देश में डिजिटल स्वास्थ्य के बदलावों के जरिए अपनी सार्वभौमिक कवरेज पर प्रकाश डालेगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से आयोजित इस वार्षिक कार्यक्रम में आपदा प्रतिक्रिया और चिकित्सा मदद बढ़ाने के लिए डिजाइन किए गए नवीन उपकरणों से लैस एक स्वदेशी पोर्टल का भी प्रदर्शन किया जाएगा। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

डब्ल्यूएचए का 77वां सत्र 27 मई से 1 जून तक जिनेवा में आयोजित किया जाएगा। भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रकीय स्वास्थ्य सचिव अपूर्व चंद्र करेंगे। वैश्विक स्वास्थ्य पारिस्थितिक तंत्र के ढांचे लिए आयोजित कार्यक्रम में 194 देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। डब्ल्यूएच का इस साल का विषय ‘ऑल फॉर हेल्थ, हेल्थ फॉर ऑल’ है।

सूत्रों ने बताया कि डब्ल्यूएचए में तीन प्रमुख समितियों के सत्र शामिल हैं- पूर्ण, समिति ए और समिति बी। पूर्व सत्र से स्वास्थ्य सभा का उद्घाटन होगा और इसमें 194 देशों के स्वास्थ्य मंत्री और प्रतिनिधि मंडल के प्रमुख हिस्सा लेंगे। एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि भारत इस समिति की अध्यक्षता करेगा और इसमें सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज, आपातकालनी तैयारियों और प्रतिक्रिया के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन, डब्ल्यूएचओ के सतत वित्तपोषण आदि विषयों पर चर्चा की जाएगी।

समिति बी मुख्य रूप से आंतरिक और बाहरी लेखा परीक्षा, बजट और वित्तपोषण व डब्ल्यूएचओ सचिवालय पर केंद्रित है। स्वास्थ्य सभा के मौके पर कम से कम 14 साइड इवेंट और कई राउंडटेबल चर्चाएं आयोजित किए जाएंगे, जो विभिन्न स्वास्थ्य विषयों पर विचार साझा किए जाएंगे। भारत दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र के लिए क्षेत्रीय वन वॉयस का नेतृत्व और समर्थन करता रहा है और कल्याण व स्वास्थ्य संवर्धन, स्वास्थ्य के सामाजिक मानकों, मातृ, शिशु और युवा बच्चों के पोषण व सभी के लिए स्वास्थ्य की पैरवी करता रहा है।