बांग्लादेश में हाल ही हुए आम चुनाव में चार अल्पसंख्यक उम्मीदवार जीत हासिल करने में कामयाब रहे, जिनमें दो हिंदू समुदाय से हैं। सभी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के टिकट पर चुनाव जीते। विजयी हिंदू उम्मीदवार गोयेश्वर चंद्र रॉय ढाका सीट से और निताई रॉय चौधरी पश्चिमी मगुड़ा क्षेत्र से चुने गए। पढ़ें रिपोर्ट-
बांग्लादेश में हाल ही में हुए आम चुनाव में अल्पसंख्यक समुदाय के चार उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। इनमें दो हिंदू समुदाय से भी हैं। सभी विजेता उम्मीदवार बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के टिकट पर चुनाव जीते। बीएनपी मंगलवार को सरकार बनाने जा रही है।
विजयी हिंदू उम्मीदवार कौन हैं?
गोयेश्वर चंद्र रॉय और निताई रॉय चौधरी दो हिंदू उम्मीदवार हैं। रॉय ढाका सीट से और चौधरी पश्चिमी मगुड़ा क्षेत्र से जीते। उन्होंने जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवारों को हराया। रॉय बीएनपी की नीति बनाने वाली शीर्ष समिति के सदस्य हैं। चौधरी पार्टी के उपाध्यक्ष और वरिष्ठ सलाहकार हैं।
तीसरे अल्पसंख्यक सांसद साचिंग परु हैं। वह बौद्ध धर्म के अनुयायी हैं और मार्मा जातीय समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह बांग्लादेश के दक्षिण-पूर्वी पहाड़ी जिले बंदरबन से चुने गए। चौथे अल्पसंख्यक उम्मीदवार दीपेन देवान हैं। वह बौद्ध धर्म के चकमा जातीय समुदाय से हैं। वह दक्षिण-पूर्वी रंगमती जिले की एक सीट से जीते। हालांकि, कुछ लोग उन्हें हिंदू भी मानते हैं।
बांग्लादेश में 1.7 करोड़ मुसलमानों में हिंदू लगभग आठ प्रतिशत हैं। देवान ने निर्दलीय चकमा उम्मीदवार को हराया। साचिंग परु ने नेशनल सिटिजन पार्टी के उम्मीदवार को हराया। नेशनल सिटिजन पार्टी 2024 में छात्रों ने बनाई थी।
अल्पसंख्यक समुदाय के कितने उम्मीदवार किसे पार्टी से लड़े?
चुनाव आयोग के अनुसार, 79 उम्मीदवार अल्पसंख्यक समुदाय से थे। इनमें 10 महिलाएं भी शामिल थीं। 22 राजनीतिक दलों के टिकट पर 67 उम्मीदवार थे। 12 उम्मीदवार निर्दलीय थे। बांग्लादेश कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीबी) ने सबसे अधिक 17 अल्पसंख्यक उम्मीदवार खड़े किए थे। इसके बाद बांग्लादेश साम्यवादी दल (बीएसडी) के आठ उम्मीवार थे। बांग्लादेश अल्पसंख्यक जनता पार्टी (बीएमजेपी) और बांग्लादेश समाजतांत्रिक दल (बीएएसओडी) ने भी की कुछ उम्मीवार खड़े किए थे। बीएपी ने छह उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था। जातिया पार्टी ने चार उम्मीवारों को टिकट दिया था।
जमात-ए-इस्लामी ने भी हिंदू उम्मीदवार को दिया था टिकट
जमात-ए-इस्लामी ने पहली बार अल्पसंख्यक हिंदू उम्मीदवार उतारा। सबसे बड़ी इस्लामी पार्टी ने कृष्ण नंदी को खलना क्षेत्र से टिकट दिया था। वह हार गए। लेकिन चुनाव में उनकी भागीदारी चर्चा में रही। 2024 के चुनाव में हिंदू सांसदों की संख्या 17 रही। 2018 के चुनाव में भी 17 हिंदू सांसद चुने गए थे। ज्यादातर हिंदू सांसद अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग से थे।
किस पार्टी को कितने वोट मिले?
तारिक रहमान के नेतृत्व में बीएनपी को 49.97 प्रतिशत वोट और 209 सीटें मिलीं। जमात-ए-इस्लामी ने 31.76 प्रतिशत वोट और 68 सीटें हासिल कीं। नेशनल सिटिजन पार्टी ने छह सीटें और 3.05 प्रतिशत वोट हासिल किए।
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