व्यापारियों और करदाताओं के लिए आने वाले नए आयकर नियम राहत लेकर आएंगे। वित्त बजट 2026 में सरकार ने टैक्स प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। 1 अप्रैल से लागू होने वाला नया आयकर अधिनियम न केवल पुराने जटिल नियमों को खत्म करेगा, बल्कि करदाताओं के अनुकूल माहौल भी तैयार करेगा। इससे व्यापार की राह आसान होगी।
ये विचार सोमवार को फतेहाबाद रोड स्थित एक बैंक्वेट हॉल में आयोजित द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की फाइनेंस बजट-2026 सेमिनार में विशेषज्ञों ने व्यक्त किए। सेमिनार का शुभारंभ चेयरमैन सेंटर रीजन अंकुर गुप्ता और शाखा अध्यक्ष सीए गौरव सिंघल ने किया।
मुख्य वक्ता सीए विनोद गुप्ता ने बताया कि नए आयकर अधिनियम का मूल उद्देश्य टैक्स चोरी को रोकना और ईमानदार करदाताओं को सहूलियत देना है। अनिर्धारित आय पर कर की दर को घटाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है। टीडीएस और टीसीएस से जुड़े प्रावधानों को पहले से अधिक लचीला बनाया गया है। दंड के प्रावधानों में नरमी बरती गई है।
फर्जी बिलिंग पर लगेगा अंकुश
सीए निखिल गुप्ता ने जीएसटी संशोधनों पर कहा कि रिटर्न फाइलिंग की प्रक्रिया सरल होने से छोटे और मझोले व्यापारियों का बोझ कम होगा। इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के नियमों में स्पष्टता से कानूनी विवाद खत्म होंगे। रिफंड प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और तेज होगी। जिसका सीधा लाभ निर्यातकों को मिलेगा। ई-इनवॉयसिंग को मजबूत कर फर्जी बिलिंग पर लगाम कसी जाएगी।
शिव-पार्वती की झांकी ने मोहा मन
सेमिनार के बाद आगरा शाखा का वार्षिक उत्सव मनाया गया। महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में शिव-पार्वती की आध्यात्मिक झांकी ने सभी का मन मोह लिया। सीए सदस्यों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। कार्यक्रम के अंत में सहयोगी सदस्यों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सीए सौरभ नारायण सक्सेना, करन पंजवानी, आयुष गोयल, सचिन बुबना, साक्षी जैन, अजय जैन, विजय भार्गव सहित बड़ी संख्या में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स मौजूद रहे।
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