Wednesday , February 25 2026

भूपेश बघेल बोले- दुर्गति करने वाला बजट, कांग्रेस नेताओं का आया बजट पर तीखा रिएक्शन

भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ सरकार के बजट को ‘ज्ञान-गति की दुर्गति’ के बाद ‘संकल्प’ का नया जुमला करार दिया। उन्होंने कहा कि जनता जुमलों की पतंग काट देगी, जबकि सुशील आनंद शुक्ला, सुरेंद्र वर्मा, धनंजय सिंह ठाकुर और वंदना राजपूत ने इसे रोजगार-शिक्षा-कृषि-महिला सुरक्षा पर खाली, कॉर्पोरेट फायदे वाला और काल्पनिक बताया।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे जुमलों की पतंग बताया। कांग्रेस नेताओं ने बजट को जनता को निराश करने वाला और जमीनी हकीकत से दूर बताया है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बजट में रोजगार, शिक्षा और कृषि उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने वित्त मंत्री पर केंद्रीय योजनाओं का श्रेय लेने का आरोप लगाया। शुक्ला ने 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये के बजट में नए रोजगार के अवसर न होने की बात कही। उन्होंने मुख्यमंत्री बस योजना के लिए मात्र 10 करोड़ रुपये के प्रावधान को सरकार की गंभीरता की कमी बताया।

बस्तर विकास प्राधिकरण के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान भी अपर्याप्त बताया गया। राजधानी रायपुर में ऊपरी पुल और राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के लिए भी कम राशि का आवंटन किया गया है। आयुष्मान भारत के लिए 1500 करोड़ रुपये का प्रावधान अस्पतालों की उधारी के लिए भी कम है। साय सरकार का यह तीसरा बजट भी जनता को निराश करने वाला साबित हुआ है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने बजट को निगम मुनाफा और संसाधनों की लूट का संकल्प बताया। उन्होंने कहा कि आयरन स्टील और कृषि आधारित इकाइयों के संरक्षण के लिए कुछ नहीं है। अनियमित और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का वादा भी पूरा नहीं हुआ। रसोइया संघ और महिलाओं के लिए भी बजट में कोई विशेष प्रावधान नहीं है।

महिलाओं और विकास योजनाओं की अनदेखी
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने बजट को महिलाओं के लिए निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा और रोजगार के लिए कोई विशेष पैकेज नहीं है। रानी दुर्गावती योजना भी अस्पष्ट है। 500 रुपये में रसोई गैस सिलिंडर के वादे के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया। धनंजय सिंह ठाकुर ने जनकल्याणकारी मदों की उपेक्षा कर उद्योग विभाग का बजट तीन गुना करने पर सवाल उठाया।