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छत्तीसगढ़ में 104 विकासखण्ड और 8725 ग्राम पंचायतें खुले में शौच मुक्त

रायपुर 08सितम्बर।छत्तीसगढ़ में पिछले तीन वर्षों में 15 हजार 295 गांव खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित हो चुके हैं।इन गांवों के साथ ही राज्य के 13 जिलों, 104 विकासखण्डों और आठ हजार 725 ग्राम पंचायतों को भी ओडीएफ घोषित किया जा चुका है।

पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री अजय चन्द्राकर ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में वर्तमान में स्वच्छता कवरेज 90 प्रतिशत हो चुका है और लगभग 67 प्रतिशत गांवों में जियो टैगिंग का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है।उन्होने बताया कि
प्रदेश में 27 जिलों में 13 जिले धमतरी, मुंगेली, राजनांदगांव, सरगुजा, दुर्ग, कवर्धा(कबीरधाम), बलरामपुर-रामानुजगंज, जशपुर, दंतेवाड़ा, बालोद, सूरजपुर, बेमेतरा, महासमुन्द जिले में स्वच्छता कव्हरेज (नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को छोड़कर) शत प्रतिशत हो चुका है।

उन्होने बताया कि आगामी दो अक्टूबर को गांधी जयंती पर गरियाबंद, कांकेर सहित तीन और दूरस्थ वनांचल जिले में स्वच्छता कव्हरेज अंतिम लक्ष्य पर है। अधिकारियों ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत पूरे प्रदेश में 15 सितम्बर से दो अब्टूबर 2017 तक ‘स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रम चलाया जाएगा।इस अभियान में लोगों को सार्वजनिक उपयोग करने वाले स्थानों, तालाबों, नालियों, शासकीय भवनों में के साफ-सफाई के सहभागी बनाये जाएंगे। इस अभियान में प्रदेश के जनप्रतिनिधियों और नौरत्नों का भी सहयोग लिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 02 अक्टूबर 2019 तक खुले में शौच मुक्त राष्ट्र बनाने का लक्ष्य दिया है,जबकि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने उनके इस लक्ष्य को छत्तीसगढ़ में एक वर्ष पहले याने 2 अक्टूबर 18 तक पूर्ण करने का संकल्प लिया है।

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