कांग्रेस ने ‘बिजली बिल हाफ योजना’ फिर लागू करने की मांग उठाई

रायपुर, 05 अप्रैल।छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया है कि पिछले चार महीनों से आ रहे अत्यधिक बिजली बिलों ने हर वर्ग के लोगों को परेशान कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लागू 200 यूनिट हाफ बिजली योजना भी लोगों को कोई खास राहत नहीं दे पा रही है।
कांग्रेस ने राज्य सरकार से मांग की है कि पूर्व की भूपेश सरकार के समय शुरू की गई “बिजली बिल हाफ योजना” को पुनः लागू किया जाए, ताकि आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। शुक्ला के अनुसार, योजना बंद होने के कारण कई लोग अपने बिजली बिल जमा नहीं कर पा रहे हैं, जिसके चलते उनके कनेक्शन तक काटे जा रहे हैं। प्रदेश में हजारों उपभोक्ताओं की बिजली लाइन काटे जाने की घटनाएं सामने आई हैं।
श्री शुक्ला ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी नीतिगत विफलता, लापरवाही और मुनाफाखोरी के चलते प्रदेश में बिजली महंगी और अनियमित हो गई है। राज्य गठन के बाद वर्तमान समय में बिजली दरें सबसे अधिक बताई जा रही हैं। साथ ही, 400 यूनिट तक बिजली बिल आधा करने की योजना बंद होने से उपभोक्ताओं के बिल दोगुने से भी ज्यादा बढ़ गए हैं।
कांग्रेस का यह भी कहना है कि महंगी बिजली के बावजूद सरकार प्रदेश में 24 घंटे निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में असफल रही है। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में 8 से 9 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इस समस्या से परेशान होकर लोग विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर हो रहे हैं।
श्री शुक्ला ने यह भी बताया कि बिजली उत्पादन में कोयला एक प्रमुख घटक है और वर्तमान में कोयले पर लगने वाला सेस कम हो चुका है। इसके चलते कोयले की कीमत में लगभग 400 रुपये तक की कमी आई है। ऐसे में उन्होंने सरकार से मांग की है कि वीसीए (वेरियेबल कॉस्ट एडजस्टमेंट) में कटौती करते हुए बिजली दरों में तत्काल कमी की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।




