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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ संसद का बजट सत्र शुरू

नई दिल्ली 31 जनवरी।संसद का बजट सत्र आज दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हो गया।

राष्‍ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारत वैश्विक मुद्दों के लिए एक समाधानकर्ता के रूप में उभरा है। उन्‍होंने कहा कि भारत के प्रति विश्‍व के दृष्टिकोण में परिवर्तन आया है। राष्‍ट्रपति ने कहा कि एक पृथ्‍वी, एक परिवार, एक भविष्‍य के मंत्र के साथ भारत जी-20 देशों के सहयोग से वैश्विक चुनौतियों का सामूहिक रूप से समाधान तलाशने का प्रयास कर रहा है। राष्‍ट्रपति ने कहा कि भारत ने राष्‍ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए अपनी भूमिका का विस्‍तार किया है।

राष्‍ट्रपति ने देश को विकसित बनाने के लिए नागरिकों से अमृतकाल में अपने कर्तव्‍यों को पूरा करने की अपील की।उन्होने कहा कि हमें 2047 तक ऐसे राष्ट्र का निर्माण करना है जो अतीत के गौरव से जुड़ा हो, और जिसमें आधुनिकता का हर स्वर्णिम अध्याय हो। हमें ऐसा भारत बनाना है, जो आत्मनिर्भर हो और जो अपने मानवीय दायित्वों का पूरा करने के लिए भी समर्थ हो। जिसमें गरीबी न हो।

राष्‍ट्रपति मुर्मू ने कहा कि सरकार बिना भेदभाव के पिछले नौ वर्षों से नागरिकों के कल्‍याण के लिए काम कर रही है।उन्होने कहा कि वंचित वर्गों और अविकसित क्षेत्रों के विकास पर बल दिया जा रहा है। रेहड़ी-ठेले-फुटपाथ पर बड़ी संख्या में हमारे छोटे व्यवसायी, अपना व्यापार-कारोबार और दुकानदारी करते हैं। मेरी सरकार ने विकास में इन साथियों की भूमिका को भी सराहा है। इसलिए पहली बार इनको फॉर्मल बैंकिंग से जोड़ा और पीएम स्वनिधि के माध्यम से सस्ते और बिना गारंटी के ऋण की व्यवस्था की।