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किसानों से 355 रूपए प्रति क्विंटल की दर पर होगी गन्ने की खरीद-भूपेश

रायपुर 05 मार्च।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों को धान का 2500 रूपए प्रति क्विंटल दाम देने की बात को फिर दोहराते हुए किसानों से 355 रूपए प्रति क्विंटल की दर पर गन्ना खरीदेने की गोषणा की है।

श्री बघेल ने आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2020-21 के आय-व्ययक पर सामान्य चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि बजट में घोषित की गई कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना में किसानों को समर्थन मूल्य और 2500 रूपए के अंतर की राशि दी जाएगी। श्री बघेल ने कहा कि किसानों की कर्ज माफी और 2500 रूपए पर धान खरीदी से छत्तीसगढ़ का किसान मजबूत हुआ। देश में यह पहली बार हुआ कि ढाई लाख से अधिक किसान छत्तीसगढ़ में खेती की ओर लौटे।

उन्होंने केन्द्र सरकार से धान से इथेनॉल के उत्पादन के लिए संयंत्र स्थापना की अनुमति प्रदान करने का आग्रह दोहराते हुए कहा कि यदि अनुमति मिलती है तो किसानों को धान की अच्छी कीमत मिलेगी। पेट्रोलियम ईंधन में खर्च होने वाले पेट्रोडॉलर की बचत होगी। ऐसा होता है तो यह पूरे देश के किसानों के लिए एक नजीर बनेगा। श्री बघेल ने शक्कर कारखानों में उत्पादित शक्कर की खरीदी पर केन्द्र द्वारा लगाए गए कैप (शक्कर खरीदी की मात्रा) हटाने या गन्ने से एथेनॉल बनाने की अनुमति देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से नए-नए उद्योग खुलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन आज छत्तीसगढ़ ही नहीं पूरे देश में अनार्थिक हो गया है। कृषि और पशुपालन को लाभप्रद बनाने के लिए नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी योजना के माध्यम से हमारे पुरखों की परम्परा को पुनर्जीवित कर व्यवस्थित करना होगा। सिंचाई सुविधाएं बढ़ने से किसान दूसरी और तीसरी फसल भी लेना चाहते हैं, लेकिन फसल को मवेशियों से बचाना चुनौतिपूर्ण काम बन गया है। खेतों की फेंसिंग और रखवाली करनी पड़ती है। इससे कृषि लागत बढ़ जाती है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी योजना नया प्रयोग है। इसमें सुधार के लिए सभी सदस्य अपने सुझाव दे सकते हैं। छत्तीसगढ़ की यह योजना कृषि आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरे देश के लिए नजीर बन सकती है। उन्होंने कहा कि गौठानों के लिए गांवों में 3 से 5 एकड़, चारागाह के लिए 5 से 10 एकड़ जमीन चिन्हित की जानी चाहिए। गौठानों में छाया के लिए घास-फूस से व्यवस्था करनी चाहिए। गौठानों में नस्ल सुधार का काम भी आसानी से किया जा सकता है। पशुपालन को लाभप्रद बनाने के लिए हमारे गौठानों में गोबर से वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन प्रारंभ हो गया है। गौठान प्रबंधन समितियों को 10 हजार रूपए प्रति माह दिए जाएंगे। जिससे चरवाहे के मानदेय की व्यवस्था की जा सकेगी।

उन्होंने कहा कि गौठानों में पशुओं के एक स्थान पर रहने से फेंसिंग का खर्च बचेगा। किसानों के लिए दूसरी फसल लेना आसान होगा। मुख्यमंत्री ने अवैध शराब की बिक्री रोकने के संबंध में कहा कि यदि किसी जिले में अवैध शराब की बिक्री होती है तो इसके लिए जिले के पुलिस अधीक्षक जिम्मेदार होंगे। उन्होंने बजट में शिक्षा कर्मियों के संविलियन के फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में शिक्षाकर्मी शब्द अब इतिहास का हिस्सा हो गया।

हाल के आयकर छापों के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका हम विरोध नहीं करते यह एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन जब भी आयकर के छापे पड़ते हैं तो इसकी सूचना संबंधित जिले के एसपी को देकर फोर्स ली जाती है, ताकि अधिकारियों को दुर्व्यवहार का सामना ना करना पड़े। हाल ही छापों के समय ना तो एसपी को कोई सूचना दी गई ना ही पुलिस महानिदेशक के पास इसकी कोई जानकारी थी।आयकर अधिकारियों ने सीआरपीएफ की फोर्स लेकर कार्रवाई की जो उचित नहीं था। छत्तीसगढ़ एक नक्सल प्रभावित राज्य है।यहां नक्सली भी वर्दी पहनकर घूमते हैं।

उन्होने मीडिया से ऐसे मौकों पर संयम बरतने का निवेदन करते हुए कहा कि छापों की रिपोर्टिंग में ऐसे लोगों के नाम भी आए जिनके यहां छापा नहीं पड़ा। फ्रंट पेज पर खबर छपने से ईमानदार अधिकारी की छवि को नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि मनोहर कहानी या जेम्स हेडली चेज की कहानियों की तरह खबरों को सनसनी खेज नही बनाकर संतुलित और तथ्यों के आधार पर रिपोर्टिंग की जानी चाहिए।