MainSlideछत्तीसगढ़

अवार्ड का नाम बदलना मोदी सरकार की निम्न सोच का परिचायक -कांग्रेस

रायपुर 06 अगस्त।छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस ने राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड का नाम बदलने के निर्णय को मोदी सरकार की निम्न सोच का परिचायक बताते हुए कहा हैं कि इस गलत परिपाटी की चपेट में आने वाले वर्षों में संघ एवं भाजपा नेताओं के नाम पर शुरू संस्थान एवं योजनाएं भी आयेंगी।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने आज यहां जारी बयान में कहा कि जिस व्यक्ति ने देश की एकता अखंडता के लिये अपना जीवन बलिदान किया हो उन महान राजीवगांधी के नाम से दिये जाने वाले खेल रत्न का नाम बदलना प्रधानमंत्री नरेन्ध3 मोदी और उनकी सरकार की छुद्रता है। जिनके किसी भी नेता ने देश की आजादी से लेकर उसके नवनिर्माण में देश की एकता अखंडता के लिए एक बूंद खून भी नही बहाया हो,ऐसे दल के नेता बलिदान और शहादत का अर्थ क्या समझेंगे।

उन्होने कहा कि मोदी और उनकी सरकार की नीयत में खोट नहीं होता तो मेजर ध्यानचंद के नाम पर खेल का कोई दूसरा पुरस्कार घोषित कर सकते थे। 41 वर्ष बाद भारत ने हाकी में ऑलम्पिक में कोई मेडल जीता है उसकी याद अक्षुण रखने के लिए मेजर ध्यानचन्द्र के नाम पर कोई पुरस्कार शुरू किया जा सकता था। मोदी सरकार की नीयत ध्यानचंद के नाम पर पुरस्कार शुरू करना नही अपितु स्व राजीवगांधी के नाम से दिया जाने वाले पुरस्कार का नाम बदलना था।

श्री शुक्ला ने कहा कि मोदी सरकार ने स्व राजीव गांधी के नाम से दिए जाने वाले पुरस्कार को बदल कर एक नई राजनैतिक परिपाटी की शुरुआत की है इसका परिणाम कालांतर में उन भाजपाई और संघी महापुरुषों के साथ भी होगा,जिनका देश की आजादी में देश के नवनिर्माण में रंच मात्र भी योगदान नही है।सिर्फ संघ और भाजपा के नेता होने के कारण देश भर में भाजपाई सरकारो ने उनकी मूर्तियां लगाई है उनके नाम से योजनाएं शुरू की है।लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन शील होती है और राजनैतिक निर्णय आने वाली सरकारों के लिए नजीर।

Related Articles

Back to top button