Friday , February 3 2023
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आलेख

कश्मीरः 1990 के संकट का वह दौर- राज खन्ना

फ़िल्म ‘ कश्मीर फाइल्स ‘ देखें कि न देखें की जंग के बीच घाटी से कश्मीरी पंडितों के निष्कासन का मुद्दा गरम है। भाजपा पर फ़िल्म के नाम पर राजनीति करने के तो दूसरी ओर विरोध करने वालों पर सच से मुंह छिपाने के जबाबी प्रहार हो रहे हैं। इस …

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जनधन की लूट का अटूट सिलसिला – रघु ठाकुर

स्व. इंदिरा गांधी ने 1976 में आपातकाल में पूर्व सांसदों को पेंशन देने का कानून पारित किया था। यद्यपि मेरी राय में यह संवैधानिक नहीं था क्योंकि संविधान में उन पदों का नाम सहित उल्लेख है जिन्हें पेंशन देने का नियम सरकार बना सकती है। उसके बाद यह सिलसिला राज्यों …

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क्या कट्टरपंथी ताकतें महात्मा गाँधी के विचारों को मार पायेंगी ? -रघु ठाकुर

आजादी का 75वाँ वर्ष पूरा होने जा रहा है, और राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की हत्या का भी यह 74वाँ वर्ष है, परन्तु लगभग पौन सदी बीत जाने के बाद भी गाँधी पर हमले जारी हैं। जिनका शरीर 74 वर्ष पूर्व समाप्त हो गया। आज भी उन जमातों के लिये जिन्होंने …

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उत्तर प्रदेश विधानसभा की 135 वर्ष की यात्रा – राज खन्ना

उत्तर प्रदेश की 18वीं विधानसभा के गठन के लिए चुनाव की तारीखों की घोषणा हो चुकी हैं। इनमें पाँच अवसरों 1967,1977,1989 और 1991और 1993 की विधानसभाएं अलग-अलग कारणों से अपना पांच वर्ष का कार्यकाल नहीं पूरा कर सकीं थीं, जिसके परिणामस्वरूप 1969,1980,1989,1991 और 1996 में प्रदेश में मध्यावधि चुनाव हुए …

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देश में लावारिस गौवंश की समस्या गंभीर – रघु ठाकुर

समूचे देश में लावारिस गौवंश ही समस्या गंभीर हो गई है, और देश के स्तर पर कई करोड़ लावारिस गाय और सांड सड़कों पर कब्जा किये बैठे रहते हैं। फिर किसानों के खेत पर घुसकर फसले नष्ट करते हैं और बहुतेरे किसानों की सारी फसलें नष्ट करते हैं। यह स्थिति …

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सामाजिक बुराईयों को बढ़ावा दे रहे हैं फेसबुक एवं उससे जुड़े प्लेटफार्म ? – रघु ठाकुर

पिछले दिनों फेसबुक और उससे जुड़े व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम आदि का सर्वर लगभग 10-12 घंटे तक बंद रहा। ऐसी स्थितियां यदा कदा पहले भी आई, परन्तु इस बार के इस सर्वर डाऊन को तकनीकी फेल्योर के अलावा फेसबुक कंपनी के भीतर पनप रहे आंतरिक असंतोष से जोड़कर भी देखा जा रहा …

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छत्तीसगढ़ः म्यान में नहीं तलवारें – दिवाकर मुक्तिबोध

इन दिनों छत्तीसगढ़ कांग्रेस की राजनीति में जो कुछ घट रहा है वह प्रदेश में पार्टी के भविष्य की दृष्टि से ठीक नहीं हैं। उसे यह नहीं भूलना चाहिए कि आंतरिक झगडे व घात-प्रतिघात की वजह से पार्टी ने अपना बहुत नुकसान किया तथा वह पन्द्रह वर्षों तक सत्ता से …

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जातिगत जनगणना को रोकने की कोशिश आखिर क्यों – रघु ठाकुर

देश में जातिगत जनगणना को लेकर पिछले लगभग 12-13 वर्षो से बहस चलती रही है। जब पूर्व प्रधानमंत्री डा.मनमोहन सिंह के कार्यकाल में जनगणना हुई थी तब भी यह मुद्दा उठा था कि देश में जनगणना के साथ ही जातीय जनगणना भी कराई जाए। परंतु उसे टालने के लिए तत्कालीन …

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नरेंद्र भाई की तराज़ू पर टके सेर तुलता देश- पंकज शर्मा

यह बात मेरी समझ में आ क्यों नहीं रही है कि हिंदू हृदय सम्राट नरेंद्र भाई मोदी देश की बेशकीमती संपत्तियां बेच कर हम देशवासियों के लिए छह लाख करोड़ रुपए जुटाने के लिए दिन-रात एक क्यों कर रहे हैं?…. वे बेच क्या-क्या रहे हैं? 26,700 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग …

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सरसंघ संचालक मोहन भागवत के बयान के निहतार्थ – रघु ठाकुर

सरसंघ संचालक मोहन भागवत को अपने विषय से इतर शोध निष्कर्ष निकालने का विशेष अभ्यास है। अभी कुछ समय पूर्व उन्होंने एक बयान में कहा था कि देश के सभी हिन्दू और मुसलमानों का डी.एन.ए. एक है। जिसकी कुछ चर्चा भी देश में सकारात्मक ढंग से हुई थी परन्तु अचानक …

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