आलेख
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‘घर-वापसी’ के सवालों में घिरा ‘पीएम केअर्स फंड’ का इस्तेमाल – उमेश त्रिवेदी
कोविड-19 के दरम्यान तबलीगी जमात, सेना की पुष्प वर्षा और राष्ट्रीय एकता की मजबूती से जुड़े घटनाक्रमों के बीच हाशिए…
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विभाजन और महात्मा गांधी – राज खन्ना
गांधी जी बैठक में नही थे। पर कार्यवाही में छाए हुए थे। देश की किस्मत का फैसला लिया जा चुका…
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कोरोना की कराहों में सेना के जरिए ‘वाह-वाह’ की तलाश…- उमेश त्रिवेदी
देश में कोरोना से लड़ने वाले भारत के कर्मवीर योद्धाओं के वंदन अभिनंदन के प्रसंग में भारतीय सेना की गैरजरूरी…
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दर्शकों की ‘रियल-लाइफ’ में ‘रील-लाइफ’ का रोमांच थे इरफान… – उमेश त्रिवेदी
‘इरफान का पूरा नाम साहबजादे ’इरफान’ अली खान था और उनके पिता कहा करते थे कि वह पठान-परिवार मे पैदा…
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‘नास्त्रेदमस’ के मोदी और ‘सतयुग’ में ‘सियासी-सत्कर्म’(?) की कहानी – उमेश त्रिवेदी
विश्व-गुरू’ और ’वैश्विक आर्थिक शक्ति’ बनने के लिए आतुर भारत के प्रारब्ध को लेकर लोगों के मन में उत्सुकता स्वाभाविक…
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कोरोना के बाद की दुनिया कैसी होगी? –रघु ठाकुर
कोरोना के वैश्विक संकट से समूची दुनिया में बहस शुरू हुई है और इस महामारी के विश्व पर क्या प्रभाव…
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ट्रम्प पर सितम, मोदी पर करम… ऐ मीडिया, तू ये जुर्म न कर… – उमेश त्रिवेदी
अमेरिका के तथाकथित बे-मुरव्वत, बे-रहम और बे-गैरत मीडिया के शत्रुतापूर्ण सवालों से उत्तेजित अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नाराजी के…
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गांधी और जिन्ना – राज खन्ना
गांधी जी ने कहा,” जब आप बताएंगे कि प्रस्ताव मेरा है, तो जिन्ना कहेंगे “धूर्त गांधी।” माउंटबेटन की टिप्पणी थी,”…
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प्रसंग अर्णब: टीआरपी के लिए ‘मुर्गे’ लड़ाने के शौक में मारे गए ‘गुलफाम’- उमेश त्रिवेदी
प्रसंग-अर्णब के विवादास्पद ’टैक्स्ट’ में प्रेस की कथित आजादी, पत्रकारों की कथित सुरक्षा, वैचारिक-विश्व में ’सहिष्णु’ भाजपा और ’असहिष्णु’ कांग्रेस,…
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समाजवाद के बिना संविधान अधूरा-रघु ठाकुर
टेलीविजन नहीं होने के कुछ फायदे भी हैं यद्यपि कुछ नुकसान भी हैं कि कई घटनाओं की तुरंत जानकारी नहीं…
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