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पत्रकारिता के सरोकारों को बनाये रखने में न्यू मीडिया की चुनौती-भूपेश

रायपुर 23 अक्टूबर।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि तकनीक ने सोशल मीडिया के माध्यम से संप्रेषण और अभिव्यक्ति के लिए खुला मंच दिया है।देश और समाज विरोधी ताकतें इसका इस्तेमाल सांप्रदायिकता, जातिवाद, नफरत आदि दुष्प्रचार फैलाने के लिए कर सकती है।पत्रकारिता के सरोकारों को बनाये रखने के लिए इन चुनौतियों से निपटना बेहद आवश्यक है।

श्री बघेल ने आज भिलाई में न्यू इंडिया का न्यू मीडिया विषय पर आयोजित संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारे यहां सत्य की खोज की परंपरा रही है शास्त्रार्थ की परंपरा रही है हमें सत्यान्वेषी होना चाहिए। हमारे देश में विरोधी आवाजों को भी सुनने की परंपरा रही है। सूचना प्रवाह के साथ अनेक भ्रामक खबरें एवं गलत जानकारियां भी प्रचलित होती है यदि हम सूचनाओं के तह तक जाएं, प्रामाणिक इतिहास का अध्ययन करें तो सही तथ्य उजागर होंगे।

उन्होने कहा कि आज भारत के इतिहास को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। जब हम सत्यान्वेषण करेंगे तो अपने आप असल तस्वीर हमारे हमारी आंखों के सामने होगी। आज के समय में अंधकार गहरा है पर हमें उम्मीद की किरण जगानी होगी। न्यू मीडिया के दौर में पत्रकारों के लिए यह अहम जिम्मेदारी है।

वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष ने कहा कि भारत में एक दूसरे को सुनने समझने की बहुत सुंदर परंपरा रही है। साथ ही लोकतांत्रिक रूप से एक साथ काम करने की भी परंपरा रही है आजादी के वक्त जब कैबिनेट का गठन हुआ तो अलग-अलग विचारधाराओं के लोग शामिल हुए और सभी ने साथ मिलकर काम किया। पीढ़ी दर पीढ़ी बहुत मेहनत से हमारे बुजुर्गों ने एक उज्जवल समाज का गठन किया है। न्यू मीडिया के सामने चुनौती है कि भारत की उज्जवल परंपरा की धरोहर को सहेज कर रख सके।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार ने कहा कि न्यू इंडिया ही न्यू मीडिया का निर्माण कर रहा है। अमेरिका का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह कैपिटल हिल की घटना हुई है, उससे पता लगता है कि न्यू मीडिया किस तरह का कार्य कर रहा है और किस तरह उसकी चुनौतियों का सामना करने की जरूरत है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पत्रकार यूनियन ने उत्कृष्ट कार्य कर रहे लोगों का सम्मान भी किया।