Ranjeet Gupta
शिक्षा परिसर राजनीति मुक्त नहीं, संस्कार युक्त हों -संजय द्विवेदी
हमारे कुछ शिक्षा परिसर इन दिनों विवादों में हैं। ये विवाद कुछ प्रायोजित भी हैं, तो कुछ वास्तविक भी। विचारधाराएं परिसरों को आक्रांत कर...
पलायन के अभिशाप से मुक्ति कब ? -डा.संजय शुक्ला
छत्तीसगढ़ विधानसभा के हालिया बजट सत्र के दौरान राज्य सरकार द्वारा एक सवाल के जवाब में बताया गया कि आंकड़ों के अनुसार सन् 2012...
हम और हमारा राष्ट्रवाद-संजय द्विवेदी
देश में इन दिनों राष्ट्रवाद चर्चा और बहस के केंद्र में है। ऐसे में यह जरूरी है कि हम भारतीय राष्ट्रवाद पर एक नई...
’’मीडिया निर्माण का दूसरा केजरीवाल’’- रघु ठाकुर
हमारे देश में आजकल बुद्धिजीवियों की बहस अमूमन अबौद्धिक और पक्षपात पूर्ण होती है।पिछले दिनों जे.एन.यू. को लेकर जिस प्रकार का विभाजन और आरोप...
बौद्धिक वर्ग से रिश्ते सुधारे मोदी सरकार – संजय द्विवेदी
अपने कार्यकाल के दो साल पूरे करने के बाद नरेंद्र मोदी आज भी देश के सबसे लोकप्रिय राजनीतिक ब्रांड बने हुए हैं। उनसे नफरत...
जोगी का दांव, उल्टा या सीधा-दिवाकर मुक्तिबोध
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने प्रदेश कांग्रेस के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है। उन्होंने कांग्रेस से अलग होकर नई पार्टी...
विकास को नए नजरिए से देखे मीडिया-संजय द्विवेदी
मीडिया की ताकत आज सर्वव्यापी है और कई मायनों में सर्वग्रासी भी। ऐसे में विकास के सवालों और उसके लोकव्यापीकरण में मीडिया की भूमिका...
सामाजिक बहिष्कार के मामलों पर बने सक्षम कानून –डा.दिनेश मिश्रा
जाति, धर्म, ऊँच-नीचे के भेदभाव के बगैर सभी व्यक्तियों को समाज में समान अधिकार मिलने की मनमोहक घोषणाएँ तो अक्सर सुनने में आती है...
इस दासता से कब मिलेगी मुक्ति ?-डा.संजय शुक्ला
भले ही भारत अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हो गया हो लेकिन आज भी देश की एक बड़ी आबादी गुलामी के जंजीरों में जकड़ा...
’’काल ड्रॅाप की लूट को समझना होगा’’ – रघु ठाकुर
देश में इस समय मोबाईल फोन के उपभोक्ताओं की संख्या 80-90 करोड़ के बीच पहुंच गई है और कुछ लाचारी तथा कुछ जरुरतो के...







