आलेख
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मुठभेड़ के नाम पर बंद हो सरकारी हिंसा-दिवाकर मुक्तिबोध
आत्मसमर्पित नक्सलियों को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नौकरी में लेने की पेशकश क्या राज्य में हिंसात्मक नक्सलवाद के ताबूत पर आखिरी…
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पुस्तक समीक्षा- दीनदयाल जी पर एक प्रामाणिक किताब–सईद अंसारी
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का शताब्दी वर्ष 25 सितंबर 2015 से शुरू हुआ है। इस मौके पर लेखक संजय द्विवेदी ने दीनदयाल पर बेहद…
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अधिकार कानूनों की नीयत और हकीकत -डा.संजय शुक्ला
केन्द्र और राज्य सरकार ने समय-समय पर ऐसी कई योजनाएं और अधिकार कानून लागू किए हैं जिनका देश की आर्थिक,…
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कौन चाहता है बन जाए राममंदिर ? -संजय द्विवेदी
राममंदिर के लिए फिर से अयोध्या में पत्थरों की ढलाई का काम शुरू हो गया है।नेताओं की बयानबाजियां शुरू हो…
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न अजीत जोगी खारिज, न मोतीलाल वोरा-दिवाकर मुक्तिबोध
कांग्रेस बैठे-ठाले मुसीबत मोल न ले तो वह कांग्रेस कैसी? अपनों पर ही शब्दों के तीर चलाने वाले नेता जब…
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आतंकवाद से कैसे लड़ें – संजय द्विवेदी
आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई कड़े संकल्पों के कारण धीमी पड़ रही है। पंजाब के हाल के वाकये बता रहे…
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फसलों की कीमतों का उतार चढ़ाव बिचौलियों का खेल – रघु ठाकुर
भारत सरकार ने हाल में ही प्याज को निर्यात करने की अनुमति देने का फैसला किया।सरकार की ओर से यह…
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सांप्रदायिकता से कौन लड़ना चाहता है ? – संजय द्विवेदी
देश भर के तमाम हिस्सों से सांप्रदायिक उफान, गुस्सा और हिंसक घटनाएं सुनने में आ रही हैं। वह भी उस…
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