आलेख
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फारुक अब्दुल्ला के कश्मीर बयान के मायने-रघु ठाकुर
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री श्री फारुक अब्दुल्ला के पाक अधिकृत कश्मीर के बारे में दिये गये बयानो के बाद…
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राजनीति में सिंहासनों के आसपास वंशवाद की नागफनी – उमेश त्रिवेदी
कहना मुश्किल है कि राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह तंज कितना…
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राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण कारण एवं निवारण – रघु ठाकुर
देश की राजधानी दिल्ली में अक्टूबर-नवम्बर माह में फैले स्माक प्रदूषण की समस्या को देश की चिंता में शीर्ष पर…
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12 साल बेमिसाल और बदहाली में उलझती मध्यप्रदेश की राजनीति – अरुण पटेल
भाजपा और कांग्रेस दोनों मध्यप्रदेश में 2018 के अन्त में होने वाले विधानसभा चुनाव के मोड में आ गए हैं…
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यूपी के शानदार नतीजों से भाजपा को गुजरात में बड़ी उम्मीद – राज खन्ना
यू पी में अपने बुरे दिनों में भी भाजपा शहरी निकाय चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करती रही है। लेकिन इस…
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नेता और रोबोट-नेता के मायने: एक ओर कुंआ, दूसरी ओर खाई – उमेश त्रिवेदी
गुजरात विधानसभा चुनाव के दरम्यान जारी असहनीय जुमलेबाजी और लफ्फाजियों के बीच हिन्दुस्तान के लोग क्या इस खबर से सुकून…
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कोलारस का कोलाहल और भोपाल में बहनजी का मायाजाल – अरुण पटेल
कोलारस और मुंगावली के उपचुनाव की हालांकि अभी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन कांग्रेस और भाजपा ने अभी से…
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श्रीश्री की अयोध्या का असली श्रीमंत्र – पंकज शर्मा
अब श्रीश्री के मन में अयोध्या विवाद सुलझाने की हुड़क जगी है। वे भले ही 1008 श्री नहीं हैं। भले…
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क्या हार्दिक की आंधी 15 लाख वोटों का ‘स्विंग’ पैदा कर सकेगी ? – उमेश त्रिवेदी
मतदान के एक पखवाड़े पहले कांग्रेस और हार्दिक पटेल का राजनीतिक-समझौता होते ही गुजरात के चुनाव-अभियान के तेवर एकदम ही…
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राहुल के ‘राजनीतिक-मोमेण्टम’ में ‘हार्डकोर’ हिन्दुत्व का ‘स्पीड-ब्रेकर’ – उमेश त्रिवेदी
दिल्ली में 20 नवम्बर को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक के बाद राहुल गांधी घोषित तौर पर अब कांग्रेस के…
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