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रायपुर साहित्य उत्सव का पुरखौती मुक्तांगन में कल भव्य  शुभारंभ

रायपुर, 22 जनवरी।राजधानी रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन परिसर में कल 23 जनवरी से तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव का भव्य शुभारंभ होगा।

  उद्घाटन समारोह में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे। यह समारोह विनोद कुमार शुक्ल मंडप में सुबह 10.30 बजे से प्रारंभ होगा।उद्घाटन अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

साहित्य, संवाद और संस्कृति का संगम

रायपुर साहित्य उत्सव में छत्तीसगढ़ सहित देशभर के प्रतिष्ठित साहित्यकार, कवि, पत्रकार और बुद्धिजीवी भाग लेंगे। उत्सव के दौरान राष्ट्रीय पुस्तक मेला, एंगेजमेंट जोन, ओपन टैलेंट मंच, पेंटिंग कार्यशाला, विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा आगंतुकों की सुविधा हेतु फूड जोन की भी व्यवस्था की गई है।

मुख्य मंच विनोद कुमार शुक्ल मंडप को उनकी स्मृति में सजाया गया है, जहां प्रमुख मंचीय कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके अतिरिक्त साहित्यिक परिचर्चाओं और गोष्ठियों के लिए लाला जगदलपुरी मंडप, श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप और अनिरुद्ध नीरव मंडप तैयार किए गए हैं। उत्सव में प्रतिदिन चार सत्र आयोजित होंगे, जिनका समय क्रमशः 12.30 बजे, 2.15 बजे, 3.45 बजे और 5.15 से 6.30 बजे तक निर्धारित है।

23 जनवरी: विचार, विमर्श और रंगमंच

उत्सव के पहले दिन समकालीन महिला लेखन, वाचिक परंपरा, डिजिटल साहित्य, कविता की नई प्रवृत्तियां, जनजातीय विमर्श और छत्तीसगढ़ के साहित्यिक अवदान जैसे विषयों पर परिचर्चाएं होंगी। शाम को सांस्कृतिक संध्या के अंतर्गत श्री मनोज जोशी द्वारा अभिनीत चर्चित नाटक ‘चाणक्य’ का मंचन किया जाएगा।

24 जनवरी: राष्ट्र, मीडिया और भारतीय ज्ञान परंपरा

दूसरे दिन राष्ट्र सेवा, लोकगीत, धार्मिक सिनेमा, एकात्म मानवदर्शन, बौद्धिक विमर्श, मीडिया बहस, नई पीढ़ी की फिल्मी दुनिया, उपनिषद से एआई तक साहित्य और भारतीय ज्ञान परंपरा जैसे विषयों पर संवाद होंगे। शाम को स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विशेष काव्य पाठ का आयोजन किया जाएगा।

25 जनवरी: संविधान, पत्रकारिता और छत्तीसगढ़ी काव्य

उत्सव के अंतिम दिन संविधान और भारतीय मूल्य, यात्रा लेखन, पत्रकारिता और साहित्य, नाट्यशास्त्र, सिनेमा और समाज, शासन और साहित्य पर परिचर्चाएं होंगी। साथ ही छत्तीसगढ़ी काव्य पाठ भी आयोजन का विशेष आकर्षण रहेगा।

रायपुर साहित्य उत्सव साहित्य, संस्कृति और विचारों के समन्वय का एक सशक्त मंच बनकर उभरने जा रहा है, जहां पाठक, लेखक और समाज एक साथ संवाद करेंगे।