आलेख
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दिल्ली में संविधान की कसौटियां और राजनीतिक अड़ीबाजी – उमेश त्रिवेदी
‘बिग-बॉस’ नाराज हैं…इसलिए वित्त मंत्री अरुण जेटली के ब्लॉग के जरिए भाजपा-सुप्रीमो की ओर से यह राजनीतिक एडवायजरी जारी हो…
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‘आप’ के ‘बॉस’ बनने से कुछ नही होगा, क्योंकि ‘बिग-बॉस’ नाराज हैं – उमेश त्रिवेदी
भाजपा, कांग्रेस सहित आम आदमी पार्टी के सभी विरोधियों ने तय कर लिया है कि वो दिल्ली-सरकार और उप राज्यपाल…
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कट्टरता के ‘हिम-शिखरों’ से भाजपा के बेस-कैम्पों पर भी खतरा – उमेश त्रिवेदी
कट्टरता के हिमशिखरों के विखंडन ने अब भारतीय जनता पार्टी के बेस-कैम्पों में निर्मित उन हवन-कुंडों को तबाह करना शुरू…
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नजरबंदी के बीच स्विस बैंक में कैसे पहुंचे 7000 करोड़ ?-उमेश त्रिवेदी
भारत के राजनीतिक अखाड़े में काले धन के बारे में स्विस बैंक की एक रिपोर्ट को लेकर राजनेताओ में एक…
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आपातकाल भारत की असली प्रेत-बाधा नहीं है – पंकज शर्मा
आपातकाल की 43वीं सालगिरह के बहाने प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी, उनकी आंख के इशारे पर अपने हाथ खड़े कर देने…
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संत कबीर के प्रति भाजपा के ‘राजनीतिक-ममत्व’ के मायने – उमेश त्रिवेदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राम की अयोध्या से तुलसी की राम-धुन के साथ बनारस में कबीर की निर्गुण भजनों की…
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नायडूजी, इमरजेंसी के पाठ में इंदिरा की खूबियों को कैसे पढ़ेंगे? – उमेश त्रिवेदी
26 जून,1975 को लागू आपातकाल की अनगिन कही-अनकही, सही-गलत और कपोल-कल्पित कहानियों के राजनीतिक-संस्करणों के ताजा प्रकाशन और प्रसारण में…
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अपनों के रचे चक्रव्यूह को कैसे भेद पाएंगे ‘अजय’ – अरुण पटेल
मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ‘राहुल भैया’ जब-जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव…
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लोकतंत्र को सेनानी नहीं, समन्वयक चाहिए- पंकज शर्मा
इन दिनों तीन सवाल हर जगह पूछे जा रहे हैं। एक, क्या अगले लोकसभा चुनाव के बाद नरेंद्र मोदी फिर…
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क्या मतलब ऐसी सरकार का, जो कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है? – उमेश त्रिवेदी
जनता को यह सवाल शिद्दत से पूछना चाहिए कि ‘आखिर मतलब क्या है ऐसी ’सरकार’ का, जिसकी कोई सुनवाई नहीं…
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