आलेख
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आयुर्वेद दिवस: बीमारियों के बाजार में, संजीवनी शास्त्र की फिर वापसी –डॉ.राजाराम त्रिपाठी
23 सितम्बर को जब देशभर में आयुर्वेद दिवस के नाम पर संगोष्ठियाँ और समारोह हो रहे थे, तब दूसरी…
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नए समय की चुनौतियों के बीच मीडिया शिक्षा – प्रो.संजय द्विवेदी
मीडिया शिक्षा में सिद्धांत और व्यवहार का बहुत गहरा द्वंद है। ज्ञान-विज्ञान के एक अनुशासन के रूप में इसे…
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रक्तदान शिविरःउम्मीदों के दिये -राज खन्ना
शिविर आयोजन के दिन मेडिकल की छात्रा अरुणिमा सिंह की सुल्तानपुर में उपस्थिति संभव नहीं होगी, इसलिए तीन दिन पहले…
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नरेन्द्र मोदीःध्रुवतारे की तरह चमकता पृथ्वी का सितारा- डा.एम.पी.सिंह
(प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर विशेष) गुजरात के वडनगर का छोटा सा शहर अभी भी सुबह की धुंध में सो…
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मोदीःसंवाद और कर्मयोग से बना व्यक्तित्व – प्रो. संजय द्विवेदी
(प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर विशेष) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 75 वां जन्मदिन आज है। उनकी जीवन यात्रा…
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हिंदी : राजभाषा, राष्ट्रभाषा और विश्वभाषा – प्रो.संजय द्विवेदी
(हिंदी दिवस 14 सितंबर पर विशेष) एक भाषा के रूप में हिंदी न सिर्फ भारत की पहचान है, बल्कि हमारे…
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राष्ट्रीय एकता के लिये एक राष्ट्र भाषा जरूरी -रघु ठाकुर
(हिंदी दिवस पर विशेष) फिर से एक बार देश में हिन्दी विरोधी अभियान शुरु हुआ है। कुछ शैक्षणिक संस्थाओं…
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हिंदी राजभाषा राष्ट्रभाषा या वैश्विक भाषा ? – डॉ.राजाराम त्रिपाठी
“हिंदी दिवस” के बहाने हर साल हम सब उसी पुराने झुनझुने को बजाते हैं,, हिंदी हमारी आत्मा है, हिंदी हमारी…
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टैरिफ की आँधी में स्वदेशी की मशाल: एकजुट भारत का आर्थिक धर्मयुद्ध -डॉ. राजाराम त्रिपाठी
हाल में लागू अमेरिकी 50% टैरिफ के बावजूद भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह आर्थिक युद्ध…
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शुचिता की आड़ में संविधान संशोधन एक अधिकारवादी तंत्र स्थापना की कोशिश – रघु ठाकुर
(रघु ठाकुर) भारत सरकार ने अचानक पिछले 20 अगस्त को संसद में एक बिल प्रस्तावित किया जिसे 130 वां संविधान…
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